गुरुवार, 16 अप्रैल 2020

कभी खुशी कभी गम

कभी खुशी तो कभी टूटा हुआ ख्वाब है जिंदगी
कांटो में उलझा एक गुलाब है जिंदगी

तमाम कोशिशों के बावजूद
जो किसी के ना समझ मे आये
बस एक ऐसा ही किताब है जिंदगी

कँहा कोई ऊबर पता है इसके नशे से
कुछ ऐसा मदहोश करने वाला शराब है ज़िन्दगी

सारी जद्दोजहद है जीने की यँहा
और फिर भी लोग कहते है खराब है जिंदगी

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