शुक्रवार, 16 अप्रैल 2021

बेवजह जिंदगी

 ज़िन्दगी तो बेवजह ही खूबसूरत होती है

खूबसूरती की वजह तो इसकी सुन्दरता नष्ट कर देती है 

आप वजह ढूंढते रहते है इसे खूबसूरत बनाने का और ये और भी भद्दी होती चली जाती है 

देखा है कभी छोटे बच्चों को 

बेवजह ही खुश रहते हैं , जिंदगी से भरे हुए 

पर हम उन पर भी वही अपना पागलपन थोपते रहते है

उन्हें खुशी और सफल बनाने का सस्ता या कहिये सड़ा हुआ ज्ञान देते रहते हैं 

कभी देखा है आपका फार्मूला कितने लोगों को सुकून की जिंदगी दे पाया है ?

अपनों के साथ भी इंसान खुद को अकेला महसूस करता है

सब कुछ है और अपने अंदर झाँक कर देखिये तो कुछ नजर नहीं आता

 कुछ कमी सी महसूस नहीं होती?

थोड़ा समय निकाल कर पुछिये खुद से

ये सफलता के पीछे भागते-भागते आप खुद से कितने दूर हो गए हैं ?

बुधवार, 7 अप्रैल 2021

जनरेशन गैप

 लोग जेनेरेशन गैप की बात करते करते हैं । मैंने भी देखा है और महसूस किया है कितना कुछ बदल गया है

पहले लोग जीते ही नहीं थे बल्कि जीवन का पूरा मज़ा भी लेते है अब लोगों को जीने की कोशिश में बस मरते देखा है

पहले लोगो के पास जीने का सामान तो उतना नही था पर ज़िन्दगी भरपूर थी अब जीने के सारे साधन तो जुटा लिए है पर शायद ज़िन्दगी कँही खो सी गयी है

पहले के लोग जैसे भी थे सच्चे थे अब ऊपर से लेकर नीचे तक अन्दर से लेकर बाहर तक सिर्फ दिखावा और झूठ ।

  पहले सब अपने से लगते थे और अब अपने भी पराये से लगते है आज लोगों की खुशी भी झूठी लगती है और उनका दुख भी नकली लगता है 

 कभी कभी मन करता है कि फिर से उन्ही दिनों में लौट चले अपने दादा-दादी, नाना-नानी के टाइम पर जँहा ज़िन्दगी जीने लायक थी जीने का ढोंग नही था बड़ी बड़ी खुशियां छोटे छोटे लम्हों में बिखरीं रहतीं थीं पर वक्त में बस यही खराबी है कि ये पीछे नही लौटता सिर्फ यादें छोड़ जाता है 


दो पल ना निकाल पाये कभी ज़िन्दगी के सवाल पर

म्र गुजर गई सारी बस पैसे के हिसाब में