शनिवार, 22 मई 2021

जीवन की सच्चाई

 



जिंदगी सपने के समान नही सपना ही है।जितना उम्र निकल गया गया है अभी तक 20 साल 40 साल या 50 साल।। कोई तरीका नही है उस समय को वापस से जीने का या उसे वापस से लौटा लाने का।

सिर्फ याद कर सकते हैं,आप सोच सकते हैं ,सपने देख सकते हैं पर उस के बारे में आप कुछ कर नहीं सकते हैं।

कुछ भी नही है अब आपके हाथ में। तो सपना ही तो हुआ जैसे आप सुबह उठते है और आपको अपने सपने के बारे में सोच सकते है लेकिन उसे फिर से देख नही सकते ऐसे ही ये जीवन भी है जो बीत गया वो सपना हो गया हर एक दिन एक पन्ना पलटा जा रहा है और एक दिन जब आपके ज़िन्दगी की किताब बंद हो जाएगी तो आप भी एक सपना हो जायेंगे।। एक कहानी जिसे कोई सुनेगा और कोई सुनाएगा और फिर धीरे धीरे वो भी भूला दिया जाएगा ।।

जीवन एक शतरंज के खेल से ज्यादा कुछ नही है जब तक खेल चलता रहता है तसभ टास्क कोई राजा है तो कोई प्यादा है पर खेल खत्म हो जाने के बाद सब एक डब्बे में पैक किसी की कोई वैल्यू नही, सब बराबर। 

जिंदगी की भी सच्चाई यही है बाकी सब बेकार की बातें हैं।।यंहा न कोई सफलता है ना कोई असफलता, न कोई हारता है ना कोई जीतता है ।

सब कुछ धोखा है । अंत मे हम सब बस राख का ढेर हैं बस और कुछ नही, और वो बराबर होती है चाहे किसी की भी हो ।

एक बार मैं ट्रेन से जा रही थी और वो ट्रेन एक कब्रिस्तान के पास रुक गयी मैं खिड़की के पास बैठी थी बाहर उस कब्रिस्तान में देखती रही ढेर सारे कब्र थे और लगभग एक जैसे  उनको देख कर ये समझना मुश्किल था कि किस इंसान की वो कब्र है वो  सफल था असफल था छोटा था  या कोई पहुँचा हुआ था क्या अचीव करा है इसने ,,,सब एक जैसे ही लग रहे थे 

मौत ने सब से सब छीन लिया था और सब को एक जैसा कर दिया था वँहा पर कोई घूस नही चलता ना,,, तो मुझे जो समझ में आया वो ये कि ना यँहा कुछ पाने के लिए है और न खोने के लिए सब कुछ झूठ है व्यर्थ का दौड़ है ।बुद्ध ने जीवन को पानी का बुलबुला बताया है, जीवन दुःख है इंसान जीवन भर सुख के पीछे दौड़ता रहता हैऔर दुःखी होता रहता है और इसी में  इतना घमण्ड करता है कि पूछो मत।। किसी को अपने डिग्री का तो किसी को नौकरी का घमंड है तो किसी को अपने स्टेटस का तो किसी को अपने बैंक बैलेंस का ।।।

याद रखिये आपकी सारी उपलब्धि एक छोटे से लाइन में सिमट के रह जायेगी ।।।देखा है किसी के जाने के बाद उसके फोटो पर उसका जन्म दिन - मारने का दिन लिखा होता है,ये जो छोटी सी लाइन जोति है ना ( - ) इसी में आपकी सारी उपलब्धि समा जायेगी ।

ज़िन्दगी में जो भी करना है करिए पर अपने होने का मतलब जरूर खोजिये ।।।जितनी उपलब्धि हासिल करना है करिये पर उसमे इतना मत खो जाइये कि अपने जिन्दा होने का पता तब चले जब मौत सामने खड़ी हो।।

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