आज इन्सान कितना लालची लोभी हो गया है। छोटी-छोटी बात पर लोग लड़ना झगड़ना शुरू कर देते हैं। ईर्ष्या, स्वार्थ सिद्धि ,एक दूसरे को नीचा दिखाना ,दूसरों के धोखा देना ,झूठ बोलना इतनी आम बात हो गयी है कि अब हमे ये बातें परेशान नही करती है ।हम सब इन चीज़ो के आदी हो गए हैं ।
इंसानियत, दया ,सहानभूति ,अपनापन धर्म और त्याग कही खो गया है। आज कोई अच्छा होता भी है तो लोग उन्हें पागल समझते है और बस उसका इस्तेमाल इतनी बुरी तरह से करते हैं कि वो बेचारा भी कसम खा लेता है अपनी इंसानियत को घर मे छोड़ कर तब ही बाहर निकलेगा ।
सब अपने काम में व्यस्त हैं किसी के पास दो मिनट का समय नही है कि बैठ के इसके बारे में सोचे पर किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता है कि समाज में क्या हो रहा है
सब खुश है नयी टेक्नोलॉजी, नई चीजों की खोज हो रहीं है । ज़िन्दगी दिन पर दिन और आरामदायक होती जा रही है
पर जरा ध्यान दीजिये सबसे ज्यादा अविष्कार defence के क्षेत्र में हो रहा है रोज नये नये विनाशकारी equipment बन रहे है जिनमे पूरे विश्व को खत्म करने की क्षमता है
ऐसा नही है कि अच्छी चीज़ों का विकास नही हो रहा पर जब उन्हें उपयोग में लाने वाला ही बुरा है तो उसका अच्छा परिणाम कँहा से आएगा
विकास के नाम पर हमने विनास की सारा समान तैयार कर लिया है आज पूरा विश्व तीसरे विश्व युद्ध की ओर तेजी से बढ़ रहा है। सब एक दूसरे से लड़ रहे है या अपने मे ही लड़ रहे हैं
ऐसा कोई देश नही है जिसका किसी के साथ कोई विवाद न हो पर ये सब हमारे लिए बस समाचार होता है हम मनोरंजन के लिए tv पर ये सब देखते है पर समझते नही है कि ये मनोरंजन नहीं मौत कितनी करीब आ रही है उसकी आहट है।
आखिर हम कब सोचेंगे कि हम किस तरफ बढ़ रहे हैं वो हमारे लिए ठीक है या नही? हम कब अपनी जिम्मेदारी समझेंगे कि इस संसार को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी सिर्फ सरकारों की नही हम सब की है |
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