कुछ खुशी की बात कर
कुछ ज़िन्दगी की बात कर
क्या ढूँढता है बेवजह
कभी खुद की भी तो तलाश कर
खुद में ही खुदा का नूर है
कभी इसका भी एहसास कर
कब तक खुद को सताएगा
कब तक भटकता जायेगा
मंजिल तो तेरे पास है
क्या तुझको इसका एहसास है
खुद को खुदी में खोज ले
तेरे खुशी को भी तेरी तलाश है
कुछ ज़िन्दगी की बात कर
क्या ढूँढता है बेवजह
कभी खुद की भी तो तलाश कर
खुद में ही खुदा का नूर है
कभी इसका भी एहसास कर
कब तक खुद को सताएगा
कब तक भटकता जायेगा
मंजिल तो तेरे पास है
क्या तुझको इसका एहसास है
खुद को खुदी में खोज ले
तेरे खुशी को भी तेरी तलाश है
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